कोशिका क्या है? कोशिका की खोज किसने की

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आज हम इस पोस्ट में जानेंगे की Koshika Kya Hai तथा Koshika Ki Khoj Kisne Ki पूरी जानकारी. क्या आप जानना चाहते है कोशिका की खोज किसने की तो हमारे इस पोस्ट को जरुर पढ़े. कोशिका जैसे विषय को समझने और जानने में लोग काफी दिलचस्पी लेते है. यह मनुष्य तथा अन्य जीव जन्तुतों में भी पाया जाता है. यह आकार में काफी छोटे होते है तथा इनका कार्य काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. यही कारण है की लोग समझना चाहते है कोशिका की खोज किसने की पूरी जानकारी. हम इस पोस्ट में कोशिका खोज से जुड़ी हर तथ्य को विस्तार से जानेंगे.

koshika ki khoj

मनुष्य तथा अन्य जीवजंतु और पेड़ पौधे का निर्माण भी कोशिका से ही हुआ है. बिना कोशिका से किसी भी जीव का जीवन असंभव है. अमीबा हो या कोई विशाल जानवर सभी जीव में कोशिका पाई जाती है. कोशिका कोई छोटा विषय नहीं है और कोशिका को समझने के लिए आपको पहले इसके प्रकार तथा कार्यों को समझना होगा. इस पोस्ट में हमने यही कोशिश की है आपको साधारण भाषा में पूरी जानकारी दी जाये. अगर आप इस पोस्ट को अच्छे से पढ़ लते है तो कोशिश की खोज किसने की यह जानकारी के अलावा कोशिका से जुड़ी अन्य जरुरी बातों का भी ज्ञान प्राप्त होगा.

कोशिका क्या है?

जीवों की सभी जैविक प्रक्रिया कोशिकाओं के भीतर होती है. कोशिकाओं के भीतर ही जरुरी आनुवंशिक सूचनाएँ (Genetic Information) मोजूद होती है, जिससे कोशिका के कार्यों का नियंत्रण होता है तथा यह सूचनाएँ एक पीढ़ी से अगली पीढ़ी कोशिकाओं की मदद से ही भेजी जाती है. यह किस प्रकार काम करता है इसकी पूरी जानकारी के लिए आप हमारी DNA क्या है पोस्ट पढ़े.

कोशिका की खोज किसने की?

कोशिका की खोज रॉबर्ट हुक द्वारा 1665 में की गयी थी. बोतल की कार्क की एक पतली परत को अध्ययन करते समय उन्होंने पाया की अनेक प्रकार के छोटे कमरे दिखाई दे रहे है इन्हें कोशिका नाम दिया गया. यह तथ्य उनकी पुस्तक माइक्रोग्राफिया में भी छापा जा चूका है. कोशिका को अंग्रेजी में Cells बोला जाता है, यह शब्द लैटिन भाषा के ‘शेलुला’ शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ ‘एक छोटा कमरा’ होता है.

कोशिका के प्रकार:

कोशिकाएं दो प्रकार की होती है

प्रोकैरियोटिक कोशिका (Prokaryotic Cell):

  • इस कोशिका में केन्द्रक मोजूद नहीं होते. केन्द्रक ना होने के कारण इसमें न्यूक्लाइड पाया जाता है जो आनुवंशिक सूचनाएँ नियंत्रित रखता है.
  • यह एकल कोशिका (Single Celled) वाले सूक्ष्मजीव में पाए जाते है उदहारण के लिए बैक्टीरिया.
  • इनका व्यास (Diameter) 0.1 से 0.5 माइक्रोमीटर के बीच होता है.
  • इनका निर्माण द्विखण्डन (Binary Fission) से होता है. जीवविज्ञान में कोशिका का दो भागों में विभाजित होना और नयी कोशिकाओं का निर्माण करना द्विखण्डन कहलाता है.

यूकैरियोटिक कोशिका (Eukaryotic Cell):

  • इस कोशिका में केन्द्रक मोजूद होते है जिसमे यह आनुवंशिक सूचनाएँ एकत्रित रखते है.
  • यह बहुकोशिकीय वाले सूक्ष्मजीव में पाए जाते है उदहारण के लिए मनुष्य, जानवर आदि.
  • इनका व्यास (Diameter) 10 से 100 माइक्रोमीटर के बीच होता है.
  • इनका निर्माण लैंगिक तथा अलैंगिक जनन (Sexual & Asexual Reproduction) से हो सकता है.

कोशिका की संरचना:

कोशिकाएं सजीव होती है तथा यह प्रकार के कार्य करती है, जैसे कोई सजीव प्राणी करता है. इनका आकार विभिन्न प्रकार के हो सकते है अतिसूक्ष्म तथा आकृति गोलाकार, अंडाकार, स्तंभाकार, रोमकयुक्त, कशाभिकायुक्त, बहुभुजीय आदि. चलिए कोशिका की संरचना को अच्छे से समझने की कोशिश करते है.

कोशिका भित्ति (Cell Wall):

जीवाणु एवं वनस्पति कोशिकाओं में कोशिका झिल्ली के बाहर कोशिका भित्ति पाई जाती है. वनस्पति कोशिका में यह कोशिका झिल्ली के बाहर किन्तु जीवाणु में स्लाइम पर्त के नीचे रहती है. कोशिका भित्ति का निर्माण सेलूलोज, पेक्टोज तथा अन्य निर्जीव पदार्थों से होता है. यह कोशिका को सही आकार तथा सहयोग प्रदान करती है, कोशिका भित्ति कोशिका को वातारवण के झटके और चोट से भी सुरक्षा प्रदान करती है.

कोशिका झिल्ली (Cell Membrane):

कोशिका झिल्ली सभी प्रकार की कोशिका में पाई जाती है. यह कोशिका को बाहर के वातावरण से सुरक्षा प्रदान करती है. कोशिका झिल्ली इस बात का भी ख्याल रखती है की कोनसा पदार्थ अंदर या बाहर जाना चाहिए.

कोशिका द्रव्य (Cytoplasm):

कोशिका झिल्ली के अंदर केन्द्रक को छोड़कर सभी पदार्थों को कोशिका द्रव्य कहा जाता है. यह सभी प्रकार के कोशिका में पाया जाता है तथा 70% कोशिका भाग की रचना करता है. इसकी रचना जल एवं कार्बनिक तथा अकार्बनिक ठोस पदार्थों द्वारा हुई है.

केन्द्रक (Nucleus):

केन्द्रक जीव के आनुवंशिक सामग्री एकत्रित रखता है. यह कोशिका को संकेत देता है की कब विकसित होना है, कब विभाजित होना है और कब ख़तम हो जाना है. केन्द्रक पूरी तरह से लिपिड दोहरी परत से बनी झिल्ली द्वारा घिरा होता है जिसे केन्द्रक झिल्ली (Nuclear Membrane) कहते है. यह केन्द्रक के अन्दर की सामग्री को कोशिकाद्रव्य से अलग रखता है.

कोशिकांग (Cell Organelles):

जिस प्रकार शरीर के विभिन्न अंग भिन्न-भिन्न कार्य के लिए बने होते है, उसी प्रकार कोशिका के अंदर स्थित संरचनाएँ विभिन्न कार्य करती है. इसलिए इन्हें कोशिकांग कहा जाता है. उदाहरण के लिये, माइटोकांड्रिया या सूत्रकणिका कोशिका को ‘शक्तिगृह’ (Power House) कहा जाता है, क्योंकि इस में कोशिका की अधिकांश रासायनिक ऊर्जा उत्पन्न होती है.

कोशिका के कार्य:

1) जितने भी जीव है सभी का निर्माण कोशिका से हुआ है. कोशिका भित्ति और कोशिका झिल्ली दो ऐसे मुख्य घटक है माने जाते है जो कोशिका को सही आकार प्रदान करते है अन्य काम में सहयोग करते है.

2) कोशिका झिल्ली (Cell Membrane)  पदार्थों को कोशिका के अंदर तथा बाहर जाने पर नियंत्रण रखती है.

3) शरीर में विभिन्न रासायनिक प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए कोशिका को उर्जा की जरुरत होती है. वनस्पति में यह उर्जा प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) से तथा जानवरों में श्वसन (Respiration) प्रक्रिया से उत्पन्न होती है.

4) जिस जैविक प्रकिया (Biological Process) द्वारा एक कोशिका विभाजित होकर दो या दो से अधिक कोशिका में परिवर्तित हो जाये उसे कोशिका विभाजन (Cell division) कहते है. कोशिका विभाजन द्वारा ही जीवों के शरीर का निर्माण तथा विकास होता है. इस क्रिया के फलस्वरूप ही चोट के घाव भरते है. यह भी दो प्रकार के होते है चलिए जानते है इनके बारे में

  • सूत्रीविभाजन (Mitosis): गुणसूत्र संख्या सूत्रीविभाजन के दौरान समान ही रहती है यानी संतति कोशिकाओं (Daughter Cell) की गुणसूत्र संख्या जनक कोशिका (Parent Cell) जितनी ही रहती है, इसलिए इसे समसूत्री विभाजन (Equational Division) भी कह जाता है.
  • अर्धसूत्री विभाजन (Meiosis): सूत्रीविभाजन के विपरीत इसमें गुणसूत्र संख्या कम होकर आधी रह जाती है इसलिए इसे अर्धसूत्री विभाजन या न्यूनीकरण विभाजन (Reductional Division) भी कहते है.

कोशिका के रोचक तथ्य:

  • जिसमे भी जीवन है उसमे कोशिका है, मनुष्य से लेकर वनस्पति, जानवर, पक्षी यहा तक की सूक्ष्मजीव का निर्माण भी   कोशिका से ही हुआ है.
  • कुछ ऐसे वस्तुएं भी है जो जीवित नहीं है फिर भी उनमे कोशिका होती है क्योंकि एक समय पर उनके अंदर भी जीवित कोशिका हुआ करती थी. उदाहरण के लिए लकड़ी, ऊन, बाल, चमड़ा आदि.
  • पृथ्वी पर सबसे पहले प्रोकैरियोटिक कोशिका ने जन्म लिया, बाद में यूकैरियोटिक कोशिका भी प्रोकैरियोटिक कोशिका से ही उत्पन्न हुआ.
  • मनुष्य में सबसे बड़ी कोशिका स्त्री का अंडाणु होता है जिसका व्यास (Diameter) लगभग 100 माइक्रोमीटर होता है. मनुष्य में पाई जाने वाली सबसे छोटी कोशिका शुक्राणु होती है जिसका व्यास लगभग 5 माइक्रोमीटर होता है.
  • मनुष्य में यूकैरियोटिक कोशिका पाया जाता है लेकिन इसके भी 200 से भी ज्यादा प्रकार होते है.
  • मनुष्य में 37 ख़राब (Trillion) से भी ज्यादा कोशिकाएं होती है.
  • मनुष्य रोजाना 50 से 70 अरब (Billion) कोशिका नष्ट करता है.

Final Words:

तो दोस्तों आज हमने जाना Koshika Kya Hai और Koshika Ki Khoj Kisne Ki पूरी जानकारी. इस पोस्ट में हमने कोशिका से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातों को विस्तार से जाना. इस पोस्ट को लिखते समय हमने साधारण बोलचाल वाली हिंदी का प्रयोग ज्यादा किया ताकि आप लोगो को कोशिका समझने में आसानी हो. यह जानकारी आपके एग्जाम में भी काम आ सकता है इसलिए इस विषय पर अच्छे से ध्यान दे. अगर आपके मन में कोई सवाल हो तो कमेंट करे और पोस्ट पसंद आया हो तो शेयर भी करे.

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